ग्रहों के आधिपत्य संबंध
ग्रहों की स्वाभाविक गरिमा (Essential Dignities) को समझें। जानें कि विभिन्न राशियों में ग्रहों की ऊर्जा कितनी प्रबल या दुर्बल होती है, स्वक्षेत्री, उच्च, परस्पर स्वागत और स्वागत क्या है।
मूल अवधारणाएँ (परिभाषाएँ)
ग्रहों की ऊर्जा की शक्ति और कमजोरी की चार बुनियादी अवस्थाओं को समझें: जैसे कोई राजा अपने सिंहासन पर हो, कोई सम्मानित अतिथि हो, निर्वासन में हो या कारावास में हो।
स्वगृही
+5"अपने ही घर में एक गृहस्वामी, जो अपनी इच्छानुसार कुछ भी करने में सक्षम है।"
ग्रह अपनी स्वयं की राशि में निवास करता है, पूर्ण स्वायत्तता, संसाधनों और स्थिरता के साथ कार्य करता है।
उच्च
+4"एक सम्मानित अतिथि या सिंहासन पर बैठा राजा।"
ग्रह उच्च सम्मान और उन्नति की राशि में होता है, जो ऊर्जावान ऊंचाइयों तक पहुंचने में सक्षम है लेकिन स्वगृही से कम स्थिर होता है।
शत्रु राशि
-5"एक विदेशी भूमि में एक निर्वासित व्यक्ति जहाँ वह भाषा नहीं बोलता।"
ग्रह अपनी स्वगृही राशि के विपरीत राशि में होता है, संसाधनों की कमी महसूस करता है और अपनी प्रकृति के विपरीत तरीके से कार्य करता है।
नीच
-4"एक व्यक्ति जो अपनी प्रतिष्ठा खो चुका है या जिसकी उपेक्षा की जा रही है।"
ग्रह अपनी उच्च राशि के विपरीत राशि में होता है, उदास महसूस करता है या अपने उच्च गुणों को व्यक्त करने में असमर्थ होता है।
ग्रहों का स्वामित्व तालिका (Planetary Rulerships)
बारह राशियों में दस ग्रहों का ऊर्जा वितरण यह दर्शाता है कि वे कहाँ सबसे मजबूत (स्वगृही/उच्चस्थ) या सबसे कमजोर (कमजोर/नीचस्थ) हैं।
| ग्रह | स्वराशि (Domicile) | उच्च (Exaltation) | निर्बल स्थिति (Detriment) | नीच (Fall) |
|---|---|---|---|---|
| सूर्य | सिंह | मेष | कुंभ | तुला |
| चंद्रमा | कर्क | वृषभ | मकर | वृश्चिक |
| बुध | मिथुन कन्या | कन्या | धनु मीन | मीन |
| शुक्र | वृषभ तुला | मीन | वृश्चिक मेष | कन्या |
| मंगल | मेष वृश्चिक | मकर | तुला वृषभ | कर्क |
| बृहस्पति | धनु मीन | कर्क | मिथुन कन्या | मकर |
| शनि | मकर कुंभ | तुला | कर्क सिंह | मेष |
| यूरेनस | कुंभ | वृश्चिक | सिंह | वृषभ |
| नेपच्यून | मीन | - | कन्या | - |
| प्लूटो | वृश्चिक | - | वृषभ | - |
राशि स्वामी (Sign Rulerships)
पारंपरिक ज्योतिष से आधुनिक ज्योतिष तक, बारह राशियों के शासक ग्रहों का विकास।